रायपुर - छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने बयान को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। अपने बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहने वाले भूपेश बघेल का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सियासी हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर टिप्पणी से विवाद
दरअसल, बिलासपुर संभाग के दौरे पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से संबोधन के दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर तंज कसते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। भूपेश बघेल ने अपने भाषण में उपमुख्यमंत्री की तुलना ‘बंदर’ से कर दी और आरोप लगाया कि वे केवल दिखावे की राजनीति करते हैं। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई। भाजपा नेताओं ने भूपेश बघेल के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मर्यादाहीन और अशोभनीय बताया।
भाजपा का पलटवार, गृह मंत्री का तीखा बयान
भाजपा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री पर जमकर हमला बोला। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने न सिर्फ भ्रष्टाचार में सीमाएं लांघीं, बल्कि अब अपनी भाषा में भी मर्यादा तोड़ रहे हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने भी बयान की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र और राजनीति की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।
अरुण साव की प्रतिक्रिया: भाषा की मर्यादा जरूरी
विवाद बढ़ने के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शब्दों की एक मर्यादा होती है। इतने बड़े नेता और मुख्यमंत्री रह चुके व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि सार्वजनिक मंच से कैसी भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए। राजनीतिक आलोचना अलग बात है, लेकिन व्यक्तिगत और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल गलत है।
साहू समाज में भी नाराजगी
छत्तीसगढ़ साहू समाज ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। साहू समाज ने प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। यह ज्ञापन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में दिया जाएगा। साहू समाज का कहना है कि भूपेश बघेल ने डिप्टी सीएम अरुण साव को ‘बंदर’ कहकर पूरे साहू समाज का अपमान किया है, जिससे समाज में भारी नाराजगी है। 5 जनवरी को इस पूरे मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। वहीं सभी जिलाध्यक्षों को पत्र जारी कर पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साहू समाज ने मांग की है कि भूपेश बघेल 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और अपना बयान वापस लें। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल, भूपेश बघेल के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार हैं।
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