दिसंबर 2023 से कई ऐसे नियमों में बदलाव हुआ है, जिनका असर आम आदमी पर पड़ेगा। जो अहम बदलाव हुए हैं, उनमें से एक सिम कार्ड से भी जुड़ा है। अब नया सिम कार्ड खरीदना आसान नहीं होगा। सरकार ने कई बातें अनिवार्य कर दी हैं।
टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपनी हर फ्रेंचाइजी, वितरक और पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) एजेंट का भी रजिस्ट्रेशन करें। इसका मकसद यही है कि एजेंटों को अवांछित तत्वों और अवैध गतिविधियों में लगे लोगों को सिम कार्ड जारी करने से रोका जा सके।
यदि पीओएस एजेंट नए नियमों का पालन करने में विफल रहता है, तो उसे बर्खास्त किया जा सकता है या तीन साल की ब्लैकलिस्ट का सामना करना पड़ सकता है।
सिम कार्ड यूजर के लिए 1 दिसंबर से डिजिटल नो योर कस्टमर या ई-केवाईसी भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक सिम कार्ड खरीद के लिए डिजिटल सत्यापन जरूरी है।
सिम रिप्लेसमेंट के मामले में केवाईसी प्रक्रिया को इनकमिंग और आउटगोइंग एसएमएस सुविधाओं के 24 घंटे के भीतर पूरा करना होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य आधार का दुरुपयोग रोकना भी है।
दिसंबर 2023 से कई ऐसे नियमों में बदलाव हुआ है, जिनका असर आम आदमी पर पड़ेगा। जो अहम बदलाव हुए हैं, उनमें से एक सिम कार्ड से भी जुड़ा है। अब नया सिम कार्ड खरीदना आसान नहीं होगा। सरकार ने कई बातें अनिवार्य कर दी हैं।
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