जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को जातिगत गणना पर नीतीश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जो लोग जातीय गणना करवा लिए इनको समाज की बेहतरी से कोई लेना-देना नहीं है। जातिगत गणना को अंतिम दांव के रूप में खेला गया है ताकि समाज के लोगों को जातियों में बांटकर एक बार फिर किसी तरह चुनाव की नैया पार लग जाए। नीतीश कुमार 18 वर्षों से सत्ता में हैं पर अब क्यों जातीय गणना करवा रहे हैं? नीतीश कुमार को 18 वर्षों से याद नहीं आ रहा था? दूसरी बात, जातिगत गणना राज्य सरकार का विषय है ही नहीं।
जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को जातिगत गणना पर नीतीश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जो लोग जातीय गणना करवा लिए इनको समाज की बेहतरी से कोई लेना-देना नहीं है। जातिगत गणना को अंतिम दांव के रूप में खेला गया है ताकि समाज के लोगों को जातियों में बांटकर एक बार फिर किसी तरह चुनाव की नैया पार लग जाए। नीतीश कुमार 18 वर्षों से सत्ता में हैं पर अब क्यों जातीय गणना करवा रहे हैं? नीतीश कुमार को 18 वर्षों से याद नहीं आ रहा था? दूसरी बात, जातिगत गणना राज्य सरकार का विषय है ही नहीं।
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