हरिद्वार - हरिद्वार में एक अनोखा विवाह चर्चा का विषय बन गया है, जहां 76 वर्षीय शफीक हसन ने 43 वर्षीय शायरा बानो से शादी की। उम्र में करीब 33 साल के अंतर के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और अब अपनी सुरक्षा को लेकर न्यायालय की शरण ली है।
कब और कैसे हुई शादी
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, दोनों ने 11 मार्च 2023 को मुरादाबाद में विवाह किया था और तब से साथ रह रहे हैं। बाद में 24 मार्च 2026 को उनके विवाह का आधिकारिक पंजीकरण भी कराया गया। दंपति का दावा है कि उनके यहां एक बेटी का जन्म भी हुआ है।
पहले विवाह और तलाक का मुद्दा
शायरा बानो ने बताया कि वह पहले से तलाकशुदा थीं और उनके पूर्व पति ने उन्हें मौखिक ‘तीन तलाक’ दिया था। वहीं शफीक हसन ने अपनी पहली पत्नी की सहमति से यह विवाह करने की बात कही।हालांकि, अदालत ने नोट किया कि तलाक की कोई स्पष्ट तारीख और पहली पत्नी की सहमति का कोई ठोस प्रमाण याचिका में प्रस्तुत नहीं किया गया।
परिवार से खतरे का आरोप
दंपति ने आरोप लगाया कि उन्हें हसन के 30 वर्षीय बेटे और बानो के पूर्व पति के भाइयों से जान का खतरा है। इस संबंध में उन्होंने 10 अप्रैल को एसएसपी हरिद्वार को प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया।
हाई कोर्ट का निर्देश
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए एसएसपी हरिद्वार को निर्देश दिया कि:
दंपति द्वारा जताए गए खतरे का आकलन किया जाए
यदि खतरा वास्तविक पाया जाए, तो उनकी जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएं
पुलिस को भी दिए गए निर्देश
अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को निर्देश दिया कि वह प्रतिवादियों को बुलाकर उन्हें समझाएं कि वे कानून अपने हाथ में न लें।
सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से दंपति की उम्र को लेकर कोई विवाद नहीं किया गया। यह भी कहा गया कि चूंकि विवाह पंजीकृत है, इसलिए पुलिस को खतरे के दावे की जांच करनी चाहिए। भारतीय कानून के अनुसार, दो बालिग व्यक्तियों को अपनी मर्जी से विवाह करने का अधिकार है, भले ही उनके बीच उम्र का कितना भी अंतर क्यों न हो। ऐसे मामलों में अदालत का प्राथमिक ध्यान दंपति की सुरक्षा और मौलिक अधिकारों की रक्षा पर होता है। यह मामला न सिर्फ असामान्य उम्र के अंतर वाले विवाह को लेकर चर्चा में है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा के अधिकार को अदालत किस तरह प्राथमिकता देती है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।