भोपाल/इंदौर। इंदौर जिले के जनापाव कुटी में आयोजित भगवान Parashurama के प्रकटोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यहां ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’ का निर्माण किया जाएगा, जो एक भव्य और दिव्य तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा। करीब 17 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।
तीर्थ के रूप में विकसित होगा जनापाव कुटी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस स्थान को इस तरह विकसित किया जाएगा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां भगवान Krishna और भगवान परशुराम के जीवन से जुड़ी लीलाओं और शिक्षाओं को करीब से समझ सकें। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को आध्यात्मिक अनुभव के साथ पुण्य लाभ भी मिलेगा।
परशुराम के प्रभाव का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम का प्रभाव हर युग में रहा है। उन्होंने बताया कि भगवान राम और भगवान कृष्ण दोनों के जीवन में परशुराम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परशुराम को शस्त्र और शास्त्र दोनों का महान ज्ञाता बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा दी।
नदियों के पुनर्जीवन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने क्षेत्र की नदियों को पुनर्जीवित करने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने गंभीर और अजनार नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदियां धरती माता की धमनियां हैं और इनके संरक्षण से ही क्षेत्र का विकास संभव है।
केंद्र की योजनाओं का भी किया जिक्र
सीएम मोहन यादव ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में चल रही नदी जोड़ो योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों की तकदीर बदलेगी। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध जैसी परियोजनाएं पानी, सिंचाई और बिजली की समस्या का समाधान करेंगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
महिला आरक्षण बिल को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में महिलाओं को उनका हक जरूर मिलेगा।
कैसा होगा ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’
प्रस्तावित प्रोजेक्ट में संग्रहालय, शस्त्र दीर्घा, ध्यान दीर्घा समेत कई आकर्षण होंगे। यहां भगवान परशुराम और भगवान श्री कृष्ण की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। 30 फीट ऊंचा प्रवेश द्वार, कथा मंच, गज़ेबो और व्यू पॉइंट जैसे निर्माण इसे एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाएंगे।