नई दिल्ली - कांग्रेस पार्टी के सांसद शशि थरूर ने कहा कि, उन्हें “महिला विरोधी” नहीं कहा जा सकता। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह बयान लोकसभा के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद हुई एक अनौपचारिक बातचीत के संदर्भ में दिया।
रिजिजू के साथ बातचीत का जिक्र
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बताया है कि, सदन स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसदों और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच एक संक्षिप्त अनौपचारिक बैठक हुई। इस दौरान महिला विरोधी होने के आरोपों पर चर्चा हुई। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब रिजिजू ने विपक्ष को “महिला विरोधी” कहे जाने का कारण बताया, तो उन्हें यह स्पष्ट किया गया कि थरूर को इस श्रेणी में नहीं रखा जा सकता, जिस पर रिजिजू ने सहमति जताई।
महिलाओं के पक्ष में दिया बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता शशि थरूर ने कहा कि महिलाएं समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और वे “इंसानी प्रजाति में बेहतर मॉडल” हैं। उन्होंने महिलाओं को संसद और अन्य संस्थानों में अधिक प्रतिनिधित्व देने की वकालत की।
परिसीमन को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता शशि थरूर ने अपने बयान में यह भी कहा कि, महिलाओं की प्रगति को किसी “संभावित रूप से खतरनाक परिसीमन” से नहीं जोड़ना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसा कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद में महिला प्रतिनिधित्व और उससे जुड़े विधायी मुद्दों पर राजनीतिक बहस जारी है। थरूर ने इस मुद्दे पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।