नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी खुशखबरी दी है। शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। आकाश छूती महंगाई के बीच सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों की जेब को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
महंगाई से मिलेगी सुरक्षा
महंगाई भत्ता सीधे तौर पर जीवन स्तर और बढ़ती कीमतों से जुड़ा होता है। मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार समय-समय पर इसमें बदलाव करती है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद कर्मचारियों के मासिक वेतन और पेंशनरों की मासिक पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति में यह 2% की बढ़ोतरी रोजमर्रा की बढ़ती कीमतों के बीच एक 'वित्तीय मरहम' का काम करेगी।
8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट: ₹18,000 से सीधा ₹69,000?
भले ही सरकार ने DA बढ़ा दिया है, लेकिन कर्मचारी संगठनों की नजर अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी है। 'नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी' (NC-JCM) ने सरकार को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें वेतन ढांचे में बड़े बदलाव की मांग की गई है।
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor): वर्तमान में यह 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की गई है।
न्यूनतम मूल वेतन: यदि सरकार 3.83 का फिटमेंट फैक्टर मान लेती है, तो कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये हो जाएगा। यह वेतन के इतिहास में एक ऐतिहासिक उछाल होगा।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
नियमों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना चाहिए था। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ अलग है। वेतन आयोग के गठन और उसकी रिपोर्ट तैयार करने में आमतौर पर लगभग 18 महीने का समय लगता है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस संबंध में अंतिम दिशानिर्देश 2027 के मध्य** तक जारी कर सकती है।
फिलहाल 2% DA की बढ़ोतरी का लाभ कर्मचारियों को इसी महीने से मिलने की संभावना है। हालांकि, सभी की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर हैं कि वह 8वें वेतन आयोग के गठन और वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि की मांग पर क्या रुख अपनाती है।