अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आज से चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है। इसी के साथ उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थल गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहले ही दोनों धामों में पहुंच चुके हैं, जहां भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है।
शुभ मुहूर्त में खुले मंदिरों के कपाट
यमुनोत्री मंदिर के कपाट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खोले गए, जबकि गंगोत्री मंदिर के कपाट 12 बजकर 15 मिनट के शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। कपाट खुलने के साथ ही पूरे क्षेत्र में जयकारों और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो गया।
धामों को फूलों से सजाया गया, व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
गंगोत्री और यमुनोत्री धामों को कई क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। शासन-प्रशासन की ओर से यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। होटल, दुकानें और अन्य सुविधाएं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्गों को सुपरजोन, जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ-साथ डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम
यात्रा के शुभारंभ के साथ ही मां यमुना की डोली शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। वहीं मां गंगा की डोली भी मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान कर गई। ढोल-नगाड़ों, मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भावुक होकर देवी-देवताओं को विदा किया।
श्रद्धालुओं में उत्साह, धामों में उमड़ी भीड़
चारधाम यात्रा शुरू होते ही श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से आने वाले भक्तों के लिए धामों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। आने वाले दिनों में भारी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।