प्याज की कीमतों में गिरावट के विरोध में महाराष्ट्र के किसान ने मुंबई तक पैदल मार्च किया (Maharashtra Farmer Protest) । 14 मार्च को, हजारों किसानों ने अपने मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए नासिक से मुंबई तक 175 किलोमीटर का पैदल मार्च किया। प्याज उत्पादकों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की तत्काल आर्थिक राहत, 12 घंटे लगातार बिजली की आपूर्ति और कृषि ऋण को रद्द करना किसानों की कुछ प्रमुख मांगें हैं जिसके विरोध में किसान मार्च कर रहे है।
अखिल भारतीय किसान सभा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की अगुआई में निकाले जा रहे मार्च में किसानों के साथ लेफ्ट पार्टी के जेपी गावित, अजित नवले जैसे नेता और नासिक जिले के आदिवासी बहुल बागलान, कलवन, डिंडोरी तहसील के आदिवासी, मजदूर भी हैं।
बैठक में शामिल होने से किया इंकार
नासिक के डिंडोरी से मुंबई की ओर लंबा मार्च शुरू करने वाले हजारों किसानों ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री अतुल सावे और खनन और बंदरगाह मंत्री दादा भुसे ने कसारा के पास खारडी में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व विधायक जे पी गावित के नेतृत्व में किसान नेताओं से मुलाकात की थी।
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बैठक के बाद सीएम से मिलने राजी हुए किसान
किसानों से बैठक के बाद मंत्री दादा भुसे ने कहा कि, किसान नेताओं ने गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में शामिल होने पर सहमति जताई है। “हमने किसानों के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई 14 मांगों पर चर्चा की। हम उनमें से अधिकांश पर सहमत हुए हैं। हमने मांगों पर विस्तार से चर्चा की और उनसे गुरुवार को विधान भवन में सीएम और डिप्टी सीएम द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया है।”
क्या है किसानों की प्रमुख मांगे (Maharashtra Farmer Protest)
किसानों की मुख्य मांग है कि 500-600 ₹ प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जायें। ₹2000 प्रति क्विंटल के न्यूनतम मूल्य पर नाफेड के माध्यम से थोक में प्याज खरीदें। वहीं किसानों को कृषि संबंधित कार्य के लिए आवश्यक बिजली दिन में लगातार 12 घंटे उपलब्ध हो और उनके अतिरिक्त बिजली बिल माफ किए जाएं। और बेमौसम बारिश और साल भर जारी रहने वाली प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति के लिए एनडीआरएफ से तत्काल मुआवजा मिले।
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