कोलकाता डेस्क: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में मंगलवार रात उस समय बड़ा संकट पैदा हो गया, जब कॉकपिट में पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर हमला कर दिया। घटना के दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था और स्थिति तेजी से गंभीर होती जा रही थी।
खतरे का अंदाजा होते ही भेजे इमरजेंसी सिग्नल
रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन स्मित ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल को पहले 7700 इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड भेजा। इसके बाद विमान में हाईजैक जैसी स्थिति का संकेत देने वाला 7500 कोड भी भेजा गया। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर रेडियो पर ‘Mayday’ कॉल भी की, जो बेहद गंभीर और जानलेवा आपात स्थिति में मदद मांगने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
क्या होता है Mayday Call?
‘Mayday’ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाला आपातकालीन रेडियो संकेत है। विमान या जहाज में ऐसी स्थिति पैदा होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है, जब लोगों की जान या वाहन की सुरक्षा पर तत्काल खतरा हो। आमतौर पर इसे रेडियो पर तीन बार ‘Mayday, Mayday, Mayday’ बोला जाता है, ताकि संदेश को स्पष्ट रूप से गंभीर संकट के रूप में पहचाना जा सके।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
स्थिति बिगड़ने के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें आशंका थी कि अगर कॉकपिट का दरवाजा बंद रहा तो अंदर मौजूद को-पायलट को रोकना मुश्किल होगा। इसके बाद उन्होंने घायल अवस्था में कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्रियों को अंदर पहुंचने और स्थिति को संभालने का मौका मिला।
यात्रियों ने संभाला मोर्चा
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्री अंदर पहुंचे और कथित तौर पर को-पायलट को काबू करने में मदद की। इसी दौरान विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने कॉकपिट की कमान संभाली। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। रिपोर्ट के अनुसार, विमान में सवार सभी 180 लोग बच गए।
गंभीर रूप से घायल हैं कैप्टन स्मित
घटना में कैप्टन स्मित को गंभीर चोटें आईं। उन्हें पहले ताबुक से दुबई एयरलिफ्ट किया गया और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें हैं, हालांकि उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम?
बताया गया है कि फ्लाईदुबई की यह उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी। कैप्टन स्मित विमान के कमांडर थे और उनके साथ एक ओमानी को-पायलट मौजूद था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों के बीच कथित तौर पर हाथापाई शुरू हो गई, जिसके बाद विमान की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति बन गई।
स्मित के साहस की हो रही सराहना
घटना के बाद कैप्टन स्मित की भूमिका की व्यापक रूप से सराहना की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई नेताओं ने उनके साहस का उल्लेख किया है। इजरायल सरकार की ओर से भी उनके सम्मान में विशेष पुरस्कार की घोषणा की गई है।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छर?
रिपोर्ट के मुताबिक, 39 वर्षीय कैप्टन स्मित मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड से पायलट की ट्रेनिंग ली थी और फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले करीब 11 साल तक स्पाइसजेट में पायलट के तौर पर काम किया। वर्ष 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई ज्वाइन किया था और वे बोइंग 737 विमान उड़ाते रहे हैं।
घटना की जांच जारी
विमान में हुई इस घटना की जांच इजरायल और दुबई की संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। को-पायलट को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया और विमान में इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों की भी पड़ताल की जा रही है।