केरल के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि, वह कोई ‘रबर स्टांप’ या ‘हां में हां मिलाने वाले’ शख्स नहीं हैं, जो अपना दिमाग लगाए बिना राज्य विधानसभा की ओर से पारित विधेयकों पर अपनी मंजूरी दे देंगे। उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि, जब कोई अध्यादेश या विधेयक उनके सामने आता है, तो वह यह पता लगाने के लिए अपना दिमाग लगाते हैं कि यह संवैधानिक और कानूनी रूप से सही है या नहीं।
आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि, जनता के कल्याण के लिए बनाए विधेयकों का मैं तुरंत निस्तारण कर दूंगा। लेकिन जहां वे (सरकार) संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उनकी स्वायत्तता को नष्ट करने के लिए कानून की शक्ति का इस्तेमाल करते हैं।
Comments (0)