महाकुंभ 2025 की तैयारियां प्रयागराज में जोरों-शोरों से चल रही है। इसे लेकर धार्मिक तैयारियों का रिहर्सल भी किया जा रहा है। इस बीच त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम) पर खास गंगा आरती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही महाकुंभ के दौरान शहर को साफ बनाए रखने के लिए स्थानीय होटलों में बांस से घर बनाए गए हैं। बता दें कि, महाकुंभ का आयोजन 12 सालों बाद किया जा रहा है। वहीं 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ की शुरुआत होगी, जो कि 26 फरवरी तक चलेगी।
प्रयागराज में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
प्रयागराज में भारी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में किसी भी तरह की अनहोनी को टालने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। खासकर किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए भीड़ को मैनेज करने को लेकर जिला प्रशासन खास तैयारियां कर रही है।
बांस से बने होटल में रुकेंगे यात्री
वहीं महाकुंभ के दौरान शहर को साफ बनाए रखने के लिए स्थानीय होटलों में बांस से घर बनाए गए हैं। इससे पर्यावरण को कम नुकसान होगा। अलारकपुरी रिसॉर्ट में असम के मुरली बांस से तैयार बांस के कॉटेज पेश किए हैं। इनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ भारतीय परंपरा की झलक भी दिखती है। रिसॉर्ट के मैनेजर, आदित्य सिंह ने मेहमानों से आग्रह किया कि प्लास्टिक का उपयोग कम करें और हरित कुंभ पहल का समर्थन करें।
प्रयागराज में हर साल बाढ़ आती है
वहीं एक अधिकारी ने बताया कि, प्रयागराज में हर साल बाढ़ आती है और सभी घर ढह जाते हैं। इस वजह से, हमने एक स्थायी घर बनाने के बारे में सोचा और इसके लिए असम गए। असम से बांस से बने घर देखे फिर घर बनाने में छह से सात महीने लगे और यह तैयार हो गया। कुंभ के मुख्य स्नान अनुष्ठान (शाही स्नान) 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) और 3 फरवरी (बसंत पंचमी) को होंगे।
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