साल के पहले दिन, भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पुरी पहुंचे। नववर्ष 2026 की पहली सुबह घने कोहरे की चादर में लिपटी रही, लेकिन भक्तों के उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा और ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों की लंबी कतार देखने को मिली।
सुबह से ही भक्तों का तांता
भगवान जगन्नाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। कोहरे के कारण दृश्य सीमित था, लेकिन ठंड और कोहरे को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी ने बताया कि 1 जनवरी, 2026 को मंदिर के सभी अनुष्ठान और सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुचारू दर्शन के लिए विस्तृत व्यवस्था की है।
विशेष अनुष्ठान और सजावट
नए साल के अवसर पर मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से भव्य रूप में सजाया गया है। विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है, जिनके लिए भक्तों ने पहले से ही महाप्रभु जगन्नाथ से जुड़े अनुष्ठान बुक कराए हैं। दर्शन-पूजन के साथ ही महाभोग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
अन्य तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति
पुरी के अलावा अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब में भी घने कोहरे के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नववर्ष के उपलक्ष्य में भारत और विदेशों से आए भक्त प्रार्थना और अरदास में शामिल हो रहे हैं। गुरुद्वारे को पीली और सफेद झिलमिलाती लाइटों से सजाया गया है और संगत माथा टेककर नए साल की शुभकामना कर रही है।
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