पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के दो उम्मीदवारों सुजीत बोस और रथीन घोष को तलब किया है। जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं को 24 अप्रैल, शुक्रवार को पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह समन कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में जारी किया गया है।
चुनावी मैदान में हैं दोनों नेता
गौर करने वाली बात यह है कि 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में सुजीत बोस बिधाननगर सीट से और रथीन घोष मध्यमग्राम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में प्रचार के बीच अचानक आई इस कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
पहले भी मिल चुके हैं समन
यह पहली बार नहीं है जब इन नेताओं को ED ने बुलाया हो। इससे पहले भी कई मौकों पर पूछताछ के लिए समन भेजे जा चुके हैं और वे एजेंसी के सामने पेश हो चुके हैं। हाल ही में एक मामले में सुजीत बोस के परिवार की ओर से भी दस्तावेज एजेंसी को सौंपे गए थे।
अन्य उम्मीदवार भी जांच के घेरे में
सिर्फ यही नहीं, तृणमूल कांग्रेस के एक और उम्मीदवार देवाशीष कुमार को भी जांच एजेंसियों की ओर से कई बार नोटिस मिल चुके हैं। उनके आवास पर आयकर विभाग की कार्रवाई भी हो चुकी है, जिससे चुनावी माहौल में हलचल बनी हुई है।
ममता बनर्जी का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि चुनाव के समय केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों के प्रचार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
बढ़ी राजनीतिक गर्मी
चुनाव से कुछ दिन पहले ED की इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि इसका असर मतदान और प्रचार अभियान पर कितना पड़ता है।