नई दिल्ली. देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान कई राज्यों में 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विभाग ने इस स्थिति को लेकर व्यापक अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार यह गर्मी केवल दिन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब रातें भी असामान्य रूप से गर्म हो रही हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक चिंता का विषय बन गई हैं।
रातों में बढ़ता तापमान और शरीर पर प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। सामान्य परिस्थितियों में रात का तापमान गिरता है, जिससे शरीर को आराम और ठंडक मिलती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पा रहा है। लगातार गर्म रातों के कारण शरीर की थकान दूर नहीं हो रही और हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ता जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी में लगातार गर्म होती रातें
राजधानी दिल्ली में अप्रैल महीने के दौरान रात का तापमान सामान्य से लगातार अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार यह तापमान पिछले कई वर्षों के औसत से भी ऊपर रहा है। महीने के मध्य से ही रातें असामान्य रूप से गर्म होने लगी थीं और कई दिनों तक तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। इससे स्पष्ट होता है कि राजधानी में गर्मी का प्रभाव लगातार गहराता जा रहा है।
देश के कई राज्यों में व्यापक असर
यह स्थिति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रही बल्कि देश के कई हिस्सों में इसका प्रभाव देखा गया है। कम से कम सत्रह स्थानों पर रात का तापमान सामान्य से लगभग पाँच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश के उमरिया में तापमान में 7.7 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राजस्थान के फलोदी और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के कई शहरों में भी रातें सामान्य से अधिक गर्म बनी हुई हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ता प्रभाव और बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार दिन और रात दोनों समय तापमान का बढ़ना शरीर के लिए अधिक खतरनाक स्थिति पैदा करता है। रात में पर्याप्त ठंडक न मिलने से नींद प्रभावित होती है और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया बाधित होती है। इससे थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सक लोगों को पर्याप्त पानी पीने और अनावश्यक धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में बदलाव के पीछे संभावित कारण
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की स्थिति जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और वातावरण में बढ़ती गर्मी के कारण हो सकती है। लगातार बढ़ता तापमान और कम होती नमी इस स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। यह पैटर्न आने वाले दिनों में और अधिक क्षेत्रों में फैल सकता है, जिससे गर्मी का असर लंबे समय तक बने रहने की संभावना है।