हिंदू धर्म में दीपावली की तरह ही होली का पर्व भी विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को होली मनाई जाती है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे से शुरू होकर 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे तक रही। तिथि के आधार पर 4 मार्च 2026 को रंगों वाली होली यानी धुलंडी मनाई जा रही है। होली का त्योहार प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देता है। इस दिन लोग पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और रिश्तों को मजबूत बनाते हैं।
होली खेलने का शुभ समय
यद्यपि होली का उत्सव पूरे दिन चलता है, लेकिन पंचांग के अनुसार सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रंगों से होली खेलना विशेष रूप से शुभ माना गया है। इस समय रंग खेलने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
होली की पूजा करने की विधि
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी, भगवान शिव, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का स्मरण करें।
- उन्हें गुलाल, पुष्प, फल और मिठाई अर्पित करें।
- घी का दीपक जलाकर मंत्रों का जाप करें।
- आरती कर पूजा संपन्न करें।
- दिन के अंत में जरूरतमंदों को दान अवश्य दें।
होली पर क्या दान करें और क्या नहीं?
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होली के दिन घी, गेहूं, गुड़, अन्न, जौ, चने की दाल, नारियल, तांबे की वस्तुएं, गुलाल तथा पीले और सफेद रंग के वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।
- वहीं धुलंडी के दिन नुकीली वस्तुएं, दूध-दही, लोहे का सामान, कांच की चीजें और सरसों के तेल का दान करने से बचना चाहिए।
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