Vijayanagar | कर्नाटक के विजयनगर जिले में बारिश की भारी कमी और उससे फसलों को हुए नुकसान का जमीनी आकलन करने के लिए केंद्रीय सूखा अध्ययन टीम दौरा करेगी। टीम उन क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी, जहां कम बारिश के कारण कृषि फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन ने टीम के दौरे को लेकर जिला और तालुक स्तर के अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को वास्तविक स्थिति सामने रखने के निर्देश
जिला कलेक्टर कविता मन्नीकेरी ने अधिकारियों से कहा है कि केंद्रीय टीम के सामने जिले में सूखे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं, फसल नुकसान और पेयजल संकट से जुड़ी जानकारी को किसी भी स्तर पर छिपाया न जाए। कलेक्टर ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति सामने आने से सूखे के प्रभाव का सही आकलन किया जा सकेगा और जरूरत के मुताबिक राहत एवं सहायता से जुड़े कदम उठाने में मदद मिलेगी।
दुग्गावती और नीलगुंडा गांवों का दौरा
केंद्रीय टीम के कार्यक्रम के तहत हरपनहल्ली तालुक के दुग्गावती और नीलगुंडा गांवों का दौरा प्रस्तावित है। यहां टीम वीबी जी राम जी योजना के तहत किए जा रहे झील के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण करेगी। इसके बाद टीम मैदुर गांव में पहुंचेगी, जहां मक्का, बाजरा, मूंगफली, सूरजमुखी और प्याज की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया जाएगा। टीम किसानों से सीधे बातचीत कर बारिश की कमी से पैदा हुई समस्याओं, पेयजल संकट और खेती पर पड़े असर की जानकारी भी लेगी।
हडगली तालुक में भी फसल नुकसान का आकलन
केंद्रीय अध्ययन टीम हडगली तालुक के इटागी गांव का भी दौरा करेगी। यहां मक्का और प्याज की फसलों को हुए नुकसान का निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही झील के जीर्णोद्धार कार्य और मजदूरों की स्थिति की भी जानकारी ली जाएगी। दौरे के बाद कुडलगी स्थित टूरिस्ट मंदिर में जिला स्तरीय सूखा अध्ययन को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें जिला प्रशासन के अधिकारी केंद्रीय टीम के सामने जिले में सूखे की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और फसल नुकसान से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करेंगे।
जून से सितंबर तक 57% बारिश की कमी
विजयनगर जिले में इस साल मानसून के दौरान बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है। जून से सितंबर के बीच जिले में सामान्य रूप से करीब 38.91 सेंटीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 16.84 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। इस तरह जिले में सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 57 प्रतिशत की कमी रही। बारिश की इस कमी का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है।
2.71 लाख हेक्टेयर कृषि फसल प्रभावित
कम बारिश के कारण विजयनगर जिले में करीब 2.71 लाख हेक्टेयर कृषि फसलें प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। फसल नुकसान के साथ-साथ कई क्षेत्रों में किसानों को पेयजल और अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय सूखा अध्ययन टीम का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब प्रशासन को सूखे के प्रभाव का विस्तृत जमीनी आकलन करना है। टीम किसानों से सीधे बातचीत, प्रभावित खेतों के निरीक्षण और उपलब्ध सरकारी कार्यों की समीक्षा के जरिए स्थिति का आकलन करेगी। दौरे से मिलने वाली जानकारी के आधार पर जिले में सूखे की गंभीरता और किसानों पर पड़े प्रभाव की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।