कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत कर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। इस बातचीत के बाद केजरीवाल ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की।
ममता के समर्थन में बोले केजरीवाल, लोकतंत्र की बड़ी लड़ाई बताया चुनाव
केजरीवाल ने अपने संदेश में ममता बनर्जी के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस समय देश की सबसे कठिन राजनीतिक लड़ाइयों में से एक लड़ रही हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के भविष्य के लिए भी अहम है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) समेत विभिन्न संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के बावजूद अंततः जनता की जीत होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार का सामना करना पड़ेगा।
तमिलनाडु दौरे से बंगाल तक विपक्षी रणनीति में सक्रिय केजरीवाल
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तमिलनाडु में डीएमके, कांग्रेस और वाम दलों के चुनावी अभियानों में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर समाज में ध्रुवीकरण और विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से उनकी बातचीत को विपक्षी एकजुटता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप, विपक्षी गठबंधन में बढ़ी हलचल
ममता बनर्जी से बातचीत के बाद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में लोकसभा सीटों के पुनर्गठन और महिला आरक्षण लागू करने को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र की नीतियों का विरोध किया था। ऐसे में केजरीवाल की यह सक्रियता विपक्षी गठबंधन के भीतर बढ़ती रणनीतिक हलचल के रूप में देखी जा रही है।