केरल - केरल में एक साथ दो संक्रामक बीमारियों के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई जिलों में शिगेला संक्रमण के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, केरल के वायनाड जिले में नौ, तिरुवनंतपुरम में छह, कोल्लम में दो और कोझिकोड में तीन लोगों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है।
क्या है शिगेला संक्रमण?
शिगेला एक बैक्टीरिया से फैलने वाला संक्रमण है, जो मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है। इसके कारण दस्त, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण अधिक गंभीर रूप ले सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और उबला या साफ पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।
कोझिकोड में निपाह वायरस का मामला सामने आया
इसी बीच केरल में निपाह वायरस का एक नया मामला भी सामने आया है। कोझिकोड जिला प्रशासन के अनुसार, पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) से प्राप्त जांच रिपोर्ट में रमनट्टुकारा के एक व्यक्ति में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई है। मरीज का इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है। बताया गया है कि उसकी हालत गंभीर है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
77 लोगों की पहचान कर किया गया आइसोलेट
निपाह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए 77 लोगों की पहचान की गई है। इनमें 58 स्वास्थ्यकर्मी, 14 परिवार के सदस्य तथा पांच मित्र और सहकर्मी शामिल हैं। सभी को एहतियात के तौर पर अलग रखा गया है और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अभी तक संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं, जो राहत की बात मानी जा रही है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
शिगेला और निपाह के मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, साफ-सफाई बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत चिकित्सा सलाह लेने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।