कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज कोलकाता (तिलोत्तमा) एक अलग ही रंग में रंगा नजर आ रहा है। आमतौर पर वोटिंग के दिन देर से जागने वाला यह शहर आज सुबह 7 बजे से पहले ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा दिखा। जिस तरह का उत्साह मतदाताओं में है, उसे देखकर राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि पहले चरण के रिकॉर्ड वोटिंग (93.19%) को भी आज कोलकाता कड़ी टक्कर दे सकता है।
सुबह 6:30 बजे से ही कतारें, युवाओं और बुजुर्गों में जोश
कोलकाता के बूथों पर आज केवल मतदान नहीं, बल्कि 'लोकतंत्र का उत्सव' मनाया जा रहा है। सुबह 6:30 बजे से ही लोग लाइनों में लग गए थे।
बुजुर्गों का जज्बा: लाठी के सहारे चलते हुए प्रवीन मतदाता अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभाने पहुंचे।
फर्स्ट टाइम वोटर्स: पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में भारी उत्साह देखा गया।
मददगार BLO: जिन मतदाताओं के पास वोटर स्लिप नहीं पहुंची थी, बीएलओ (BLO) बूथ के बाहर ही लिस्ट से नाम खोजकर तत्काल स्लिप उपलब्ध करा रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अभेद्य किले में तब्दील शहर
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने कोलकाता को सुरक्षा के घेरे में ले लिया है:
हर बूथ पर हाफ कंपनी केंद्रीय बल तैनात किया गया है।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) मुस्तैद है।
अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी ने मतदाताओं के बीच सुरक्षा का भरोसा जगाया है।
सांख्यिकीय विश्लेषण: क्या बनेगा नया कीर्तिमान?
2024 के लोकसभा चुनाव में कोलकाता का औसत मतदान 63.55% था। लेकिन इस बार समीकरण बदल गए हैं:
1. SIR का प्रभाव: मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के बाद फर्जी और मृत नाम हटा दिए गए हैं, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या कम हुई है।
2. संभावित आंकड़ा: आंकड़ों के अनुसार, यदि 2024 जितने लोग ही इस बार बूथ पर पहुंचते हैं, तो मतदान का प्रतिशत स्वतः ही 86.86% तक पहुंच जाएगा।
सुबह के रुझानों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि कोलकाता इस बार 86% के आंकड़े को भी आसानी से पार कर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना सकता है।