नेपाल। नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच अब एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। गुरुवार रात 9:18 बजे 3.2 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था।
इसी बीच नेपाल पर एक और बड़े खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। रसुवागढ़ी बॉर्डर से करीब 18 किलोमीटर ऊपर तिब्बत में ल्हेंदे नदी पर एक नई बैरियर झील बन गई है। विशेषज्ञों की चिंता इस बात को लेकर है कि अगर झील का प्राकृतिक बांध टूटता है तो नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक बाढ़ आ सकती है।
तिब्बत में बनी नई झील, करीब 200 करोड़ लीटर पानी जमा
चीन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक तिब्बत में ल्हेंदे नदी पर बनी नई बैरियर झील करीब 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है।इस झील में फिलहाल करीब 200 करोड़ लीटर पानी जमा होने की बात कही गई है। अगले तीन दिनों में इसमें करीब 300 करोड़ लीटर अतिरिक्त पानी पहुंचने का अनुमान है।पानी का स्तर बढ़ने के साथ झील के प्राकृतिक बांध पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में बांध टूटने की स्थिति में नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
3 दिन बाद फिर बाढ़ की आशंका
नई झील को लेकर सबसे बड़ी चिंता संभावित फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ की है। अगर झील का बांध टूटता है तो पानी तेजी से नीचे की ओर बह सकता है और इसका असर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी पर पड़ सकता है।यह खतरा ऐसे समय सामने आया है, जब बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ल्हेंदे नदी में ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी।
नेपाल में बाढ़ से 389 लोगों की मौत
बाढ़ से नेपाल में अब तक 389 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। करीब 1500 लोग लापता हैं। इनमें 290 भारतीय नागरिक शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
84 भारतीयों का रेस्क्यू
नेपाल में जारी राहत अभियान के दौरान अब तक 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।रेस्क्यू किए गए भारतीयों में त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं। वहीं, 290 भारतीयों के लापता होने की जानकारी के बाद उनके सुरक्षित होने की तलाश और बचाव प्रयास जारी हैं।
भूकंप के बाद बढ़ी चिंता
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे इलाकों के बीच 3.2 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था।अब तिब्बत में बनी नई झील से संभावित बाढ़ के खतरे ने नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों की चिंता और बढ़ा दी है। आने वाले तीन दिनों में झील में पानी बढ़ने के अनुमान के चलते सीमावर्ती इलाकों पर निगरानी बढ़ाना अहम माना जा रहा है।