पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले दक्षिण 24 परगना के भांगड़ इलाके में बमों से भरा एक और बोरा मिलने से हड़कंप मच गया। ताजा मामला एक तृणमूल कार्यकर्ता के घर से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां पुलिस ने तलाशी के दौरान कई देसी बम बरामद किए। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत बमों को निष्क्रिय कर इलाके को सुरक्षित किया।
गृह मंत्रालय ने NIA जांच के दिए आदेश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र के मझेरैत इलाके में एक परित्यक्त घर से बम बरामद होने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने का फैसला लिया है। मंत्रालय का मानना है कि इसके पीछे बड़ी साजिश हो सकती है, जिसे देखते हुए गहन जांच जरूरी है।
चुनाव आयोग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य पुलिस को विशेष अभियान चलाकर अवैध बमों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
लगातार दूसरी बार मिला बमों का बोरा
भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में लगातार दूसरी बार बम बरामद होने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। चेलेगोलिया इलाके में पहले एक सुनसान घर से विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान तृणमूल कार्यकर्ता के घर के पीछे बगीचे से एक बोरे में नौ नए बम बरामद किए गए।
इस घटना ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
ISF और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप
इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इलाके में अशांति फैलाने के लिए बम छिपाए थे। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ISF कार्यकर्ता पार्टी की छवि खराब करने के लिए यह साजिश रच रहे हैं।
दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
चुनाव से पहले सुरक्षा पर बड़ा सवाल
मतदान से ठीक पहले लगातार बम बरामद होने की घटनाओं ने चुनावी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब संवेदनशील इलाकों में निगरानी और तलाशी अभियान तेज करने की तैयारी में है। भांगड़ की यह घटना राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकती है।