प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच राज्यों की तैयारियों और रणनीतियों की समीक्षा करना है।
भारत की रणनीति पर बनेगी सहमति
सूत्रों के अनुसार, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों को देखते हुए यह बैठक राज्यों को स्थिति से अवगत कराने और भारत के दृष्टिकोण पर व्यापक सहमति बनाने का मंच बनेगी।
चुनाव वाले राज्यों के लिए अलग व्यवस्था
अधिकारियों ने बताया कि जिन राज्यों में चुनाव चल रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री आदर्श आचार संहिता के चलते इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। ऐसे राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से आयोजित की जाएगी।
पहले भी हुई सर्वदलीय बैठक
इससे पहले सरकार ने नई दिल्ली में संसद भवन परिसर में पश्चिम एशिया के हालात पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की, जिसमें अमित शाह, एस. जयशंकर, हरदीप सिंह पुरी और किरेन रिजिजू सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
संकट से निपटने के लिए 7 सशक्त समूह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने संबोधन के दौरान बताया था कि ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने सात सशक्त समूहों का गठन किया है। ये समूह ईंधन, आपूर्ति श्रृंखला और उर्वरक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर काम करेंगे।
विपक्ष ने भी जताया समर्थन
बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी विपक्षी दलों के सवालों का जवाब दिया गया है और उन्होंने सरकार के प्रयासों को समर्थन देने का भरोसा जताया है। इस दौरान कांग्रेस केमुकुल वासनिक और तारिक अनवर, CPI(M) के जॉन ब्रिटास और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव समेत कई नेता मौजूद रहे।
समुद्री रास्तों और भारतीयों की सुरक्षा चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।