कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पार्टी में हालिया घटनाक्रम, भाजपा पर लगाए गए आरोपों और संगठन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने ऐलान किया कि अब वह स्वयं अखिल भारतीय और राज्य स्तर पर पार्टी की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगी।
'कई बार खामोशी ही सबसे ज्यादा बोलती है'
लाइव की शुरुआत में ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लोग देख रहे हैं कि वह पहले की तुलना में कम बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार खामोशी ही सबसे ज्यादा बोलती है और वह हालात को ध्यान से देख रही थीं।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट लूटकर सत्ता में आई है और मतगणना केंद्रों को हाईजैक किया गया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ बिना किसी अदालत के आदेश और बिना किसी मामले के चोरी, डकैती और दुष्कर्म जैसे आरोप लगाकर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
'जिस पार्टी ने पहचान दी, उसी से गद्दारी'
उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आए, वही अब पार्टी के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। ममता ने कहा कि यदि पार्टी का अस्तित्व नहीं था तो उन्होंने उसी चिन्ह पर चुनाव क्यों लड़ा। उन्होंने इसे पार्टी के साथ विश्वासघात बताया और कहा कि तृणमूल कांग्रेस की विचारधारा हमेशा भाजपा विरोधी रही है।
'अगर हिम्मत है तो भाजपा में खुलकर शामिल हो जाइए'
ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग भाजपा के साथ मिलकर पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें खुलकर भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव चिन्ह छीन लेने से जनता का समर्थन नहीं छीना जा सकता और वह उसी चुनाव चिन्ह के साथ जनता के बीच जाएंगी।
लक्ष्मी भंडार और रोजगार का मुद्दा उठाया
भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना से करोड़ों महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे महिलाएं परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को रोजगार देने में असफल रही है और लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों को उनकी सरकार ने नौकरी दी थी, उनकी नौकरी भी छीन ली गई।
पार्टी कार्यालय पर भी जताई आपत्ति
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी कार्यालय पर ताला लगाया गया, वह किराये पर लिया गया था और उसका किराया अक्टूबर 2027 तक वैध है। उनके अनुसार वह कार्यालय पार्टी की संपत्ति है और उस पर कार्रवाई अनुचित है।
संगठन में बड़ा बदलाव, दो नए महासचिव नियुक्त
ममता बनर्जी ने घोषणा की कि अब से वह स्वयं पार्टी की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके साथ ही उन्होंने मदन मित्र और कुणाल घोष को पार्टी का महासचिव नियुक्त करने का ऐलान किया।
21 जुलाई की रैली पर भी सरकार को घेरा
ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त तक किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा रही है। कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, "चिंता मत कीजिए, हम थे, हम हैं और हम रहेंगे।"