नई दिल्ली. देश में मानसून का प्रभाव फिलहाल असमान बना हुआ है। गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है, जबकि दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम, पश्चिम बंगाल के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने से पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की आशंका व्यक्त की गई है। विभाग ने 15 से 18 जुलाई के बीच मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है क्योंकि इस दौरान तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में भी बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर भी मजबूत होंगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 19 जुलाई के बीच भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 जुलाई को कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के लिए भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। सप्ताह के अंत तक जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में अभी उमस से राहत नहीं, तापमान रहेगा सामान्य से अधिक
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक केवल आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना बेहद कम है। अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। अधिकतम तापमान कई इलाकों में सामान्य से ऊपर दर्ज हो सकता है, जिससे उमस का असर और अधिक महसूस होगा।
मानसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, कई राज्यों को मिलेगी राहत
मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मानसूनी प्रणाली और मजबूत होगी, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पहले से जारी बारिश के साथ उत्तर भारत में भी धीरे-धीरे मानसून सक्रिय होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे जहां उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कृषि गतिविधियों को भी फायदा पहुंचेगा। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।