पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की पूरी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस चरण में कुल 1478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, जिनमें 1311 पुरुष और 167 महिला प्रत्याशी शामिल हैं। हालांकि इस बार किसी भी तृतीय लिंग उम्मीदवार की भागीदारी दर्ज नहीं की गई है। इस चरण में तृणमूल कांग्रेस और फॉरवर्ड ब्लॉक जैसे प्रमुख राज्य स्तरीय दल भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कुछ सीटों पर जबरदस्त मुकाबला, कुछ पर सीमित प्रत्याशी
जानकारी के अनुसार कोचबिहार दक्षिण, करणदिघी और इटाहार सीटों पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिल रही है, जहां प्रत्येक क्षेत्र से 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके उलट पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में सबसे कम केवल 5 उम्मीदवार चुनावी मुकाबले में हैं, जिससे वहां सीधा और दिलचस्प मुकाबला बनता दिख रहा है।
भौगोलिक और जनसंख्या के हिसाब से अलग तस्वीर
पहले चरण में कालिम्पोंग क्षेत्र सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र है, जो 1076 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वहीं शिलिगुड़ी इस चरण का सबसे छोटा क्षेत्र है। मतदाता संख्या के लिहाज से दासपुर सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है, जहां लगभग 2.96 लाख मतदाता हैं, जबकि शामशेरगंज में मतदाताओं की संख्या सबसे कम है।
3.60 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
इस चरण में कुल 3 करोड़ 60 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच लगभग संतुलित अनुपात देखने को मिल रहा है, जबकि 465 थर्ड जेंडर मतदाता भी सूची में शामिल हैं। प्रति 1000 पुरुष मतदाताओं पर 950 महिला मतदाता दर्ज किए गए हैं।
युवा, वरिष्ठ और विशेष वर्ग के मतदाता भी सक्रिय
इस बार 18-19 वर्ष के करीब 4.05 लाख युवा पहली बार मतदान करेंगे। वहीं 100 वर्ष से अधिक उम्र के हजारों मतदाता भी लोकतंत्र में भागीदारी निभाएंगे। इसके अलावा लाखों वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग मतदाता, एनआरआई और सेवा मतदाता भी सूची का हिस्सा हैं।
आरक्षित सीटों के साथ 44 हजार से अधिक मतदान केंद्र तैयार
पहले चरण में 103 सामान्य, 34 अनुसूचित जाति और 15 अनुसूचित जनजाति सीटों पर मतदान होगा। इसके लिए 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जिनमें हजारों सहायक केंद्र भी शामिल हैं।
महिला और मॉडल बूथ से बढ़ेगा भरोसा
चुनाव आयोग ने इस बार महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया है। 5,644 बूथ पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित किए जाएंगे, जबकि दिव्यांग कर्मियों द्वारा भी कुछ बूथ संभाले जाएंगे। साथ ही 207 मॉडल बूथ बनाए गए हैं और सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है।
बड़े पैमाने पर तकनीकी और सुरक्षा इंतजाम
मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए हजारों बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस चरण में हर संभव प्रयास किया गया है ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।