भाटपाड़ा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है। जगद्दल और नोआपारा इलाके में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच हिंसक झड़प ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। कई जगहों पर पथराव, मारपीट और फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
अत्चाला बागान से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि झड़प की शुरुआत जगद्दल के अत्चाला बागान इलाके से हुई, जहां दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और हालात बेकाबू हो गए। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह और जगद्दल से प्रत्याशी राजेश कुमार थाने पहुंचे, जहां फिर से दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ।
नेताओं के घरों पर हमला, फायरिंग से हड़कंप
नोआपारा से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह के घर पर हमले का आरोप लगा है। ईंट-पत्थर फेंके गए और गोलीबारी भी हुई, जिसमें उनके सुरक्षा में तैनात CISF जवान घायल हो गए। वहीं भाटपाड़ा से भाजपा प्रत्याशी पवन सिंह के घर पर भी इसी तरह का हमला हुआ, जहां एक जवान के पैर में गोली लगने की खबर है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों को मौके पर तैनात किया गया। स्थिति को काबू में लाने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। पुलिस ने इस मामले में तृणमूल से जुड़े एक पार्षद समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। चुनाव आयोग ने भी इस घटना पर रिपोर्ट तलब की है।
BJP का आरोप—“पुलिस बनी रही मूकदर्शक”
जगद्दल से भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित साजिश के तहत हुई। उनका कहना है कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की और हमलावरों को खुली छूट दी गई। उन्होंने राज्य सरकार और ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए।
TMC का पलटवार—“BJP ने भड़काई हिंसा”
वहीं तृणमूल उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा समर्थकों ने पहले हमला किया। उनका दावा है कि बाहरी लोगों को लाकर माहौल बिगाड़ा जा रहा है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
चुनाव से पहले बढ़ा तनाव
मतदान से ठीक पहले हुई इन घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।