कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान आज सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों से ईवीएम (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) मशीनों में खराबी की व्यापक शिकायतें सामने आई हैं। तकनीकी खराबी के कारण कई केंद्रों पर मतदान 45 मिनट से एक घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे चिलचिलाती धूप में खड़े मतदाताओं का धैर्य जवाब दे गया।
इन जिलों में दिखा सबसे ज्यादा असर
कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और नदिया के कई मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू होते ही मशीनें ठप पड़ गईं।
नादिया: रानाघाट उत्तर-पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के अरंघाटा के बूथ नंबर 121 और 122 पर ईवीएम खराब होने से लंबी कतारें लग गईं। नवद्वीप में भाजपा उम्मीदवार श्रुतिशेखर गोस्वामी ने शिकायत की कि वे खुद भी सुबह तकनीकी खराबी के कारण वोट नहीं डाल पाए।
कटवा: रबींद्र भवन के बूथ संख्या 95 पर मशीन खराब होने के कारण एक घंटे से अधिक समय तक मतदान बंद रहा। बाद में मशीन बदलकर वोटिंग शुरू की गई।
उलूबेरिया और मंतेश्वर: यहाँ भी कई बूथों पर मशीनें खराब रहीं। मंतेश्वर के रायग्राम (बूथ 117-118) में वीवीपीएटी में फोटो न दिखने की शिकायत आई।
केंद्रीय बलों और पोलिंग एजेंटों में तकरार
मंतेश्वर में एक और विवाद तब खड़ा हुआ जब सीपीएम (CPM) के इलेक्शन एजेंट ने वीवीपीएटी की शिकायत की जांच के लिए बूथ में घुसने की कोशिश की, लेकिन केंद्रीय बलों ने उन्हें कथित तौर पर रोक दिया। कटवा के अनुमंडल अधिकारी (SDO) ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि "केंद्रीय बलों के अधिकारी स्थानीय प्रशासन की बात नहीं सुन रहे हैं।"
वोटरों का फूटा गुस्सा
निर्धारित समय पर मतदान शुरू न होने और मशीनों के बार-बार रुकने के कारण मतदाताओं और चुनाव कर्मियों के बीच तीखी बहस की खबरें मिली हैं। चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और जहाँ भी मशीनें पूरी तरह खराब पाई गईं, उन्हें तुरंत बदलने के निर्देश दिए गए हैं।