


भारत और जापान ने खनिज सुरक्षा साझेदारी और हिंद-प्रशांत आर्थिक ढाँचे के तहत महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत करने के लिए सहयोग करने का निर्णय लिया है। दोनों देशों के अधिकारियों ने अगस्त 2025 में एक सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और इसके तहत कई परियोजनाओं और पहलुओं की शुरुआत की गई है।
भारत-जापान सहयोग: खनिज सुरक्षा साझेदारी में नया मोड़
भारत के खान मंत्रालय और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) ने मिलकर खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाया है। इस पहल के तहत, दोनों देशों ने आंध्र प्रदेश में टोयोटा त्सुशो द्वारा संचालित दुर्लभ मृदा शोधन परियोजना का समर्थन किया है। इस परियोजना का उद्देश्य दुर्लभ मृदा पदार्थों की स्थिर आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना है।
बैटरी आपूर्ति श्रृंखला सहयोग: एक नया आयाम
भारत और जापान ने बैटरी आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहल की है। इस सहयोग में, जापान के JETRO और जापान सरकार ने भारत में बैटरी और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला पर व्यावसायिक मेल-मिलाप और गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया है। इस आयोजन में 70 से अधिक कंपनियों और सरकारी संगठनों ने भाग लिया।
आर्थिक सुरक्षा में सहयोग: विशेष रणनीतिक साझेदारी
भारत और जापान की साझेदारी अब केवल व्यापारिक रिश्तों तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विदेश सचिव/उप विदेश मंत्री स्तर पर वार्ता शुरू की गई है। यह साझेदारी उभरती वैश्विक चुनौतियों के मद्देनजर और साझा हितों को ध्यान में रखते हुए और भी मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 से 30 अगस्त तक जापान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान, वे 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। जापान यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए चीन रवाना होंगे।