


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद एक बार फिर चीन पहुंचे हैं। इस दौरे पर वह शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-चीन के बीच संबंधों के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है, खासकर जब अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद जैसी चुनौतियां सामने हैं।
शी जिनपिंग और पुतिन से होंगी द्विपक्षीय मुलाकातें
एससीओ सम्मेलन के इतर पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय बातचीत भी संभावित है। यह मुलाकातें क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं।
तियानजिन में पारंपरिक भारतीय नृत्य से हुआ स्वागत
चीन के तियानजिन शहर में पीएम मोदी का स्वागत भारतीय पारंपरिक नृत्य के साथ किया गया। इस मौके पर कथक नृत्यांगना डू जुआन, जिन्होंने अपना भारतीय नाम "सचिता" बताया, ने कहा - प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में प्रस्तुति देना हमारे लिए सम्मान की बात है। हम लंबे समय से इस कार्यक्रम की तैयारी कर रहे हैं।
भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल
चीन में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय में भी इस दौरे को लेकर खासा उत्साह है। प्रवासी भारतीय मकरांत ठक्कर ने कहा - मैं 2015 में भी पीएम मोदी से मिला था। एक बार फिर उन्हें यहां देखकर बेहद गर्व महसूस हो रहा है। भारत और चीन मिलकर दुनिया को नई दिशा दे सकते हैं।
भारत-चीन संबंधों में सुधार की उम्मीद
बीते वर्षों में भारत-चीन संबंधों में कई बार तनाव देखा गया है, विशेषकर सीमा विवाद और व्यापार को लेकर। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को एक नई दिशा देने की संभावना रखता है।