हर साल जन्माष्टमी के अगले दिन यानी भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर देशभर में धूमधाम से दही हांडी का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन कान्हा जी की मंदिरों के साथ-साथ हर गली-मोहल्ले में भी हांडी उत्सव का आयोजन किया जाता है। बता दें कि दही हांडी के इस खास त्योहार को महाराष्ट्र और गुजरात में बड़े पैमाने पर सेलिब्रेट किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व को द्वापर युग से ही मनाया जा रहा है। क्या आपको पता है कि दही हांडी का उत्सव हर साल जन्माष्टमी के अगले दिन ही क्यों मनाया जाता है?
हर साल जन्माष्टमी के अगले दिन यानी भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर देशभर में धूमधाम से दही हांडी का उत्सव मनाया जाता है।
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