हरियाली तीज पर महिलाओं द्वारा सोलह श्रृंगार करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यह परंपरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। सोलह श्रृंगार का महत्व हिंदू धर्म की मान्यताओं में गहराई से निहित है। हरियाली तीज को देवी पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया थाइ। स खुशी के अवसर पर महिलाओं द्वारा सोलह श्रृंगार करने की परंपरा शुरू हुई।
हरियाली तीज पर महिलाओं द्वारा सोलह श्रृंगार करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यह परंपरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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