हिंदू धर्म में बैकुंठ चतुर्दशी को बेहद शुभ फलदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बैकुंठ चतुर्दशी का व्रत रखा जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान श्रीहरि विष्णु और महादेव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस दिन हरि और हर की पूजा एकसाथ की जाती है और मां पार्वती को जौ की रोटी का भोग लगाने की भी परंपरा है। अब ऐसे में इस साल बैकुंठ चतुर्दशी कब है, हरि और हर की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और पूजा का महत्व क्या है। आइये जानते हैं।
हिंदू धर्म में बैकुंठ चतुर्दशी को बेहद शुभ फलदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बैकुंठ चतुर्दशी का व्रत रखा जाता है।
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