New Delhi | शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्माण्डा की आराधना करते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और नई आशा के संचार की कामना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मां कूष्माण्डा के चरणों में नमन कर देशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।
PM मोदी ने मां कूष्माण्डा की पूजा पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में मां कूष्माण्डा की महिमा का उल्लेख किया। उन्होंने कामना की कि देवी की असीम ऊर्जा से देशवासियों के जीवन में नई उम्मीद, सुख-समृद्धि और आरोग्य का संचार हो। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां का यह स्वरूप सृजन, ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है।
PM मोदी ने साझा किया भक्ति गीत और प्रार्थना
प्रधानमंत्री मोदी ने मां दुर्गा को समर्पित एक भक्ति गीत का यूट्यूब लिंक भी साझा किया। इसमें देवी की महिमा का वर्णन करने वाले भक्ति गीत शामिल हैं। इसके साथ उन्होंने देवी मां को समर्पित प्रार्थना भी पोस्ट की। प्रार्थना में मां नारायणी को कल्याण, दैवीय कृपा और शुभता का स्वरूप बताते हुए उनकी वंदना की गई है। इसमें भक्तों की रक्षा, मनोकामनाओं की पूर्ति और संसार के कल्याण की कामना की गई है।
CM योगी आदित्यनाथ ने मां के चरणों में किया नमन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नवरात्रि के चौथे दिन प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां भगवती के चौथे स्वरूप मां कूष्माण्डा के चरणों में नमन करते हुए प्रार्थना की कि देवी की कृपा से सभी के जीवन में स्वास्थ्य, खुशी, समृद्धि, ऊर्जा और सकारात्मकता बनी रहे। मुख्यमंत्री का संदेश नवरात्रि के धार्मिक महत्व और देवी आराधना के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है।
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने मां कूष्माण्डा को बताया सृजन शक्ति
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मां कूष्माण्डा की आराधना करते हुए देशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने देवी को ब्रह्मांड की आदि सृजन शक्ति बताते हुए कहा कि मां की दिव्य आभा समस्त सृष्टि में जीवन, ऊर्जा और चेतना का आधार है। उन्होंने प्रार्थना की कि जगत-जननी मां की कृपा से हर ओर मंगल हो और सभी का कल्याण हो।
मां कूष्माण्डा की पूजा का क्या है महत्व?
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्माण्डा देवी दुर्गा का चौथा स्वरूप हैं। मान्यता है कि उनकी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना हुई और सृष्टि में प्रकाश तथा ऊर्जा का संचार हुआ। इसी कारण उन्हें सृजनात्मक शक्ति और जीवन ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के चौथे दिन भक्त मां कूष्माण्डा की पूजा-अर्चना कर अच्छे स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और शक्ति की कामना करते हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन सकारात्मकता, नई शुरुआत और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देता है।
नौ दिनों तक होती है मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा
शारदीय नवरात्रि का पर्व नौ दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की अलग-अलग दिनों में पूजा की जाती है। मंदिरों में विशेष आरती, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। नवरात्रि का समापन विजयादशमी यानी दशहरा के साथ होता है। धार्मिक परंपरा में यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।