वृंदावन : संत प्रेमानंद के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब तक दर्शन के लिए टोकन प्राप्त करने में श्रद्धालुओं को करीब चार दिन तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, लेकिन आश्रम प्रशासन ने टोकन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए इसे आसान और समयबद्ध बना दिया है।
संत प्रेमानंद के दर्शन संभव हो सकेंगे
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को अब तीसरे दिन ही संत प्रेमानंद के दर्शन संभव हो सकेंगे। इसके साथ ही आश्रम प्रशासन इस प्रणाली को और सरल बनाने पर भी काम कर रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को दूसरे दिन ही एकांतिक वार्ता का टोकन मिलने की संभावना है।
ऐसे काम करेगा नया टोकन सिस्टम
श्रीराधा केलिकुंज से लागू की गई नई व्यवस्था के अनुसार, श्रद्धालुओं को दिन के समय अपना नंबर प्राप्त करने के लिए लाइन में लगना होगा। शाम के समय श्रद्धालु के हाथ पर क्रमांक लिखकर एक टोकन दिया जाएगा।
इस टोकन के साथ श्रद्धालु अगले दिन सुबह 8:15 बजे गौतम ऋषि आश्रम पहुंचेंगे। वहां टोकन के बदले उन्हें एकांतिक वार्ता एवं एकांतिक दर्शन का टोकन प्रदान किया जाएगा। इस नए टोकन के आधार पर श्रद्धालु तीसरे दिन संत प्रेमानंद से एकांतिक वार्ता या एकांतिक दर्शन कर सकेंगे।
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
आश्रम प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था को और अधिक सरल बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। योजना है कि श्रद्धालुओं को एक दिन पहले ही शाम के समय टोकन उपलब्ध कराया जाए, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को अनावश्यक ठहराव और असुविधा से राहत मिल सके। नई टोकन व्यवस्था से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है और उम्मीद की जा रही है कि इससे दर्शन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और सुगम होगी।
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