अहमदाबाद: आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले ने अहमदाबाद में क्रिकेट के साथ-साथ ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को भी बूस्ट दे दिया है। रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले से पहले शहर में फ्लाइट टिकटों और होटल किरायों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। क्रिकेट प्रेमियों की भारी भीड़ के चलते अहमदाबाद पहुंचना और ठहरना दोनों ही महंगा हो गया है।
फ्लाइट टिकटों के दाम आसमान पर
आईपीएल फाइनल देखने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में फैंस अहमदाबाद पहुंच रहे हैं। बढ़ती मांग के कारण कई रूट्स पर हवाई किराए में जबरदस्त उछाल आया है। सामान्य दिनों की तुलना में टिकटों की कीमतें बढ़कर ₹17,000 से ₹35,000 तक पहुंच गई हैं। ट्रेन और बस सेवाओं में भी यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
होटलों में ‘हाउसफुल’ जैसी स्थिति
फाइनल मुकाबले से पहले अहमदाबाद के प्रीमियम और लग्जरी होटल लगभग फुल हो चुके हैं। मोटेरा, एसजी हाईवे, चांदखेड़ा और गांधीनगर क्षेत्र के होटलों में सबसे ज्यादा बुकिंग दर्ज की गई है। कई बड़े होटलों का एक रात का किराया बढ़कर ₹25,000 से ₹36,000 तक पहुंच गया है, जबकि सामान्य दिनों में यही कमरे ₹8,000 से ₹10,000 में उपलब्ध होते थे।
होटल इंडस्ट्री को होगा करोड़ों का फायदा
होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अनुसार, आईपीएल फाइनल के चलते होटल इंडस्ट्री को सिर्फ दो दिनों में ₹150 करोड़ से ₹200 करोड़ तक का अतिरिक्त कारोबार मिलने का अनुमान है। छुट्टियों और वीकेंड की वजह से बड़ी संख्या में लोग मैच देखने के लिए अहमदाबाद पहुंचे हैं, जिससे पूरे आतिथ्य क्षेत्र को लाभ मिल रहा है।
शहर की अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा बूस्ट
आईपीएल फाइनल का असर सिर्फ होटल कारोबार तक सीमित नहीं है। टैक्सी, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियां, स्थानीय बाजार और छोटे व्यवसाय भी इस आयोजन से लाभ कमा रहे हैं। हजारों लोगों को अस्थायी रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े खेल आयोजनों ने अहमदाबाद को स्पोर्ट्स और इवेंट टूरिज्म का बड़ा केंद्र बना दिया है।
भविष्य में और बढ़ेगा होटल कारोबार
अहमदाबाद में आगामी वर्षों में राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों की तैयारियां भी चल रही हैं। ऐसे में कई नए होटल प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो सकता है। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि शहर में होटल क्षमता आने वाले वर्षों में दोगुनी हो सकती है।