लखनऊ: उत्तरप्रदेश में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार 11वें दिन बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। VIP इलाकों की सड़कें डूब गई हैं, जबकि लेटे हनुमान मंदिर और हनुमंत धाम समेत कई धार्मिक स्थलों में भी पानी घुस गया है। हालात को देखते हुए रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। वहीं, गोंडा में घाघरा नदी उफान पर है और आठ गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से मकानों और मंदिरों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश के आठ जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
लखनऊ में बाढ़ से बिगड़े हालात, सड़कें जलमग्न
राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है और VIP क्षेत्रों की सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं। नदी के आसपास स्थित पार्कों और मंदिरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।लेटे हनुमान मंदिर और हनुमंत धाम समेत कई धार्मिक स्थलों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास के इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
फैजुल्लागंज में गलियों तक भरा पानी
लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बाढ़ का असर बेहद गंभीर बताया जा रहा है। यहां कई गलियों में गले तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। लोगों को घरों से निकलने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। 40 हजार से ज्यादा घर आधे से अधिक पानी में डूबे हुए हैं और तीन लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की जरूरत भी बढ़ रही है।
गोंडा के 8 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
गोंडा जिले में घाघरा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आठ गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सात हजार से ज्यादा लोग बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं।गांवों में पानी भरने से लोगों के सामने आवागमन, भोजन और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने जैसी चुनौतियां पैदा हो गई हैं। नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन के लिए प्रभावित आबादी तक सहायता पहुंचाना अहम चुनौती है।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान, घर-मंदिर बहे
लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी का कटान लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। नदी के तेज बहाव और कटान के चलते अब तक 13 घर और चार मंदिर नदी में बह जाने की जानकारी सामने आई है।कटान के कारण नदी किनारे रहने वाले परिवारों पर विस्थापन का खतरा बढ़ गया है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
यूपी के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने आठ जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश होने से नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ी चिंता
उत्तरप्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ और नदी कटान के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लखनऊ में शहरी इलाकों में जलभराव, गोंडा में गांवों तक पानी पहुंचने और लखीमपुर खीरी में घरों के बहने की घटनाएं स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं।प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के किनारों और जलभराव वाली सड़कों से दूर रहने, बिजली के खुले उपकरणों से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।