लखनऊ: श्रद्धा दुबे प्रकरण में उत्तरप्रदेश शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया है। उन्हें डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। इससे पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी हटाया गया था। मामले में पुलिस की कार्रवाई और कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कुछ ही घंटों के अंतराल पर हुई इन कार्रवाइयों से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल दोनों अधिकारियों के स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई है।
श्रद्धा दुबे प्रकरण में शासन का बड़ा फैसला
श्रद्धा दुबे प्रकरण सामने आने के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी हुई थी। अब शासन स्तर पर डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को हटाने का फैसला लिया गया है। उन्हें लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की जिम्मेदारी से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।विक्रांत वीर लखनऊ के सेंट्रल जोन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस कार्रवाई को मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर हटाए गए, फिर DCP पर कार्रवाई
श्रद्धा दुबे मामले में पुलिस विभाग में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को पद से हटाया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को भी हटा दिया गया।दोनों अधिकारियों को हटाए जाने के बाद फिलहाल उनके स्थान पर किसी नए अधिकारी की तैनाती नहीं की गई है।
2014 बैच के IPS अधिकारी हैं विक्रांत वीर
विक्रांत वीर वर्ष 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अक्टूबर 2025 में उन्हें लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी सेंट्रल बनाया गया था। इससे पहले वे डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध रहे थे। लखनऊ का हजरतगंज क्षेत्र प्रशासनिक और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस इलाके में विधानसभा, सचिवालय और वीआईपी मार्ग स्थित हैं। श्रद्धा दुबे प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे।
पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल
श्रद्धा दुबे प्रकरण में पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर और फिर डीसीपी सेंट्रल को हटाए जाने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब इस मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और नए अधिकारियों की नियुक्ति पर नजर रहेगी।