Lucknow | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए प्रदेश में पिछले वर्षों में हुए बदलावों और टेक्नोलॉजी आधारित विकास का उल्लेख किया है। पोस्ट में उन्होंने 2017 से पहले और उसके बाद की विकास प्राथमिकताओं की तुलना करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब केवल तकनीक का बड़ा बाजार बनने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरती तकनीकों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
परिवारवाद से टेक्नोलॉजी तक का बदलाव बताया
सीएम योगी ने अपने पोस्ट में कहा कि पहले प्रदेश की राजनीति और विकास को लेकर परिवारवाद का प्रभाव था, जबकि अब विकास की प्राथमिकताओं में युवा, निवेश, टेक्नोलॉजी और रोजगार पर जोर है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में विकास की दिशा नीति से निवेश और निवेश से उत्पादन की ओर बढ़ी है। पोस्ट में सैफई महोत्सव और कथित माफियाकरण को लेकर भी उन्होंने पिछली व्यवस्था पर राजनीतिक टिप्पणी की।
Mobile से Module और Microchip तक पहुंचने का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश Mobile से Module और Module से Microchip की दिशा में आगे बढ़ रहा है। Invest UP के मुताबिक उत्तर प्रदेश भारत के मोबाइल फोन उत्पादन का करीब आधा हिस्सा करता है और राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा आधार विकसित हुआ है।
जेवर में ₹3,706 करोड़ का सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में जेवर का सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण माना जा रहा है। HCL Group और Foxconn के संयुक्त उपक्रम की करीब ₹3,706 करोड़ की OSAT सुविधा YEIDA क्षेत्र में विकसित की जा रही है। इस परियोजना को मई 2025 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। संयंत्र में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनाए जाने हैं और इसकी डिजाइन क्षमता प्रति माह 20,000 वेफर्स तथा 36 मिलियन यूनिट तक है। फरवरी 2026 में इस परियोजना के लिए फाउंडेशन स्टोन भी रखा गया था।
644 MW के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने डेटा सेंटर सेक्टर के विस्तार को भी नए उत्तर प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा। उत्तर प्रदेश की आधिकारिक डेटा सेंटर नीति के आंकड़ों के मुताबिक जून 2025 तक 644 MW प्रस्तावित डेटा सेंटर क्षमता और करीब ₹21,342.90 करोड़ के प्रस्तावित निवेश का उल्लेख है। इससे प्रदेश में क्लाउड, डिजिटल सेवाओं और डेटा आधारित अर्थव्यवस्था के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने की तस्वीर सामने आती है।
स्टार्टअप और AI पर बढ़ता फोकस
UP सरकार के अनुसार प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेजी से विकसित हुआ है। Invest UP के आंकड़ों में 8 यूनिकॉर्न, 70 से अधिक इनक्यूबेटर और 12,000 से ज्यादा DPIIT-recognized startups का उल्लेख है। मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में AI को भी प्रदेश के भविष्य से जोड़ते हुए AI-PRAGYA के जरिए युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने और उन्हें रोजगार तलाशने वाले के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनाने पर जोर दिया।
AI City की दिशा में लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ में AI City विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। Invest UP के अनुसार AI City का उद्देश्य प्रदेश में AI आधारित इकोसिस्टम और नए टेक्नोलॉजी हब को विकसित करना है। इसके साथ ही सरकार AI, ब्लॉकचेन, 5G और 6G जैसी उभरती तकनीकों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दे रही है।
HCL Tech के कार्यक्रम में Emerging Tech Skilling Centre
मुख्यमंत्री के पोस्ट में लखनऊ में HCL Tech के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम और HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre के शुभारंभ का भी उल्लेख किया गया है। इस तरह राज्य सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, स्टार्टअप और AI को एक साथ जोड़कर टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की तस्वीर पेश की गई है।
विकास की नई दिशा पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” के लक्ष्य से टेक्नोलॉजी, निवेश और युवाओं के कौशल को जोड़ने की बात कही। उनका पोस्ट मूल रूप से 2017 के बाद प्रदेश की विकास प्राथमिकताओं में बदलाव को रेखांकित करता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से लेकर सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और AI तक के क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई है। हालांकि पोस्ट में कुछ आंकड़े और राजनीतिक तुलना मुख्यमंत्री के दावों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं; इनमें से स्वतंत्र रूप से सत्यापित सरकारी आंकड़े ऊपर अलग से दिए गए हैं।