लखनऊ। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की सीटों का फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है। दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर बातचीत जारी है। कांग्रेस जल्द सीटों पर निर्णय चाहती है, जबकि सपा जीत की संभावना और मजबूत प्रत्याशियों को ध्यान में रखकर सीटों का बंटवारा करने के पक्ष में है।
मौजूदा स्थिति में माना जा रहा है कि दिवाली के बाद सीटों की संख्या को लेकर तस्वीर ज्यादा साफ हो सकती है। इसके बाद दोनों दल मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने-अपने प्रत्याशियों के चयन की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
फिलहाल सपा का फोकस राज्यसभा चुनाव पर
गठबंधन की सीटों पर चर्चा के बीच समाजवादी पार्टी का तत्काल फोकस राज्यसभा चुनाव पर बताया जा रहा है। सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम निर्णय के बाद दोनों दल अपनी चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे।दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच गठबंधन को लेकर सहमति बनी रहने की बात सामने आई है। चुनाव की घोषणा के बाद सपा और कांग्रेस संयुक्त रैलियों और साझा मुद्दों के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं।
नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से बदले समीकरण?
कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने के बाद सपा-कांग्रेस के बीच बातचीत के माहौल में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष के सपा नेताओं के साथ अच्छे रिश्ते माने जाते हैं। ऐसे में सीटों को लेकर पहले जैसी तल्ख सार्वजनिक बयानबाजी कम होने के आसार हैं।हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर कांग्रेस के भीतर 150 सीटों की मांग सामने आई है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी पहले कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी, जबकि सपा नेताओं की ओर से इस दावे पर सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस की हर जिले से कम से कम एक सीट की मंशा
कांग्रेस की रणनीति में हर जिले से कम से कम एक सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा बताई जा रही है। वहीं, सपा 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान बने सीट बंटवारे के फॉर्मूले को दोहराने के पक्ष में नहीं है।सपा की ओर से 2022 में सहयोगी दलों को दी गई सीटों से कुछ ज्यादा सीटें कांग्रेस को देकर समझौता कराने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि अंतिम संख्या पर दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को फैसला करना है।
2017 में 105 सीटों का हुआ था ऐलान, 114 पर लड़ी कांग्रेस
2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन में कांग्रेस को 105 सीटें देने का ऐलान हुआ था। हालांकि कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा था। कुछ सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी आमने-सामने भी आ गए थे।इसके विपरीत 2022 के चुनाव में सपा ने कांग्रेस से समझौता नहीं किया था। उस चुनाव में सपा ने सुभासपा, रालोद समेत कई सहयोगी दलों को कुल 55 सीटें दी थीं और बाकी सीटों पर खुद चुनाव लड़ा था।
सपा 350 सीटों पर तैयारी के मूड में
मौजूदा बातचीत के बीच सपा की ओर से उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में 350 सीटों पर संगठन और चुनावी तैयारियां बढ़ाने की बात सामने आई है। यह संख्या कांग्रेस की ओर से सामने आई 150 सीटों की मांग के बीच सीट शेयरिंग की बातचीत के लिए महत्वपूर्ण बन गई है।हालांकि 350 सीटों पर तैयारी का मतलब यह जरूरी नहीं है कि सपा गठबंधन की स्थिति में भी इतनी ही सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अंतिम सीट बंटवारा दोनों दलों की बातचीत और शीर्ष नेतृत्व के फैसले के बाद ही तय होगा।