देहरादून- चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के बीच उत्तराखंड में एक धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के साथ-साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस, खुफिया एजेंसियां, साइबर सेल और बम निरोधक दस्ते संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुट गए हैं।
धमकी भरे ईमेल से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, देहरादून, मसूरी और हरिद्वार के अधिकारियों को भेजे गए एक ईमेल में चारधाम यात्रा के प्रमुख तीर्थस्थलों केदारनाथ और बद्रीनाथ को निशाना बनाने की बात कही गई। ईमेल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी धमकी दी गई, जिसके बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही राज्य पुलिस मुख्यालय सक्रिय हो गया और सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए। सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
चारधाम यात्रा मार्गों पर सुरक्षा घेरा और मजबूत
चारधाम यात्रा में इस समय लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम सहित यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। यात्रा रूट, पार्किंग स्थलों, धर्मशालाओं, होटलों और प्रमुख पड़ावों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर आने-जाने वाले वाहन और संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
देहरादून, मसूरी और हरिद्वार में चला सघन तलाशी अभियान
धमकी मिलने के बाद देहरादून, मसूरी और हरिद्वार समेत कई संवेदनशील इलाकों में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सघन जांच की। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से कई स्थानों की तलाशी ली गई। हालांकि शुरुआती जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं।
साइबर सेल ईमेल भेजने वाले तक पहुंचने में जुटी
धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की टीम को लगाया गया है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि ईमेल किस स्थान से भेजा गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह हो सकता है। प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह किसी शरारती तत्व द्वारा फैलाया गया फर्जी संदेश हो सकता है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से अधिकारी बच रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी की सुरक्षा बढ़ाई गई
धमकी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्रा कार्यक्रमों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता से अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और यदि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
उत्तराखंड में इससे पहले भी ईमेल और सोशल मीडिया के माध्यम से बम धमकियों के मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में जांच के बाद धमकियां झूठी साबित हुई थीं। इसके बावजूद प्रशासन इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहा है।