देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। 15 अक्टूबर को 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं, केदारनाथ में भी मौसम खराब बना हुआ है।मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग की ऊंची चोटियों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। मौसम में बदलाव के कारण तापमान गिरने और ठंड बढ़ने की संभावना है।
उत्तराखंड के 11 जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 अक्टूबर को प्रदेश के 11 जिलों में आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई है। इन जिलों में देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ शामिल हैं।इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने संभावित खराब मौसम को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
देहरादून और हरिद्वार में बारिश के आसार
राजधानी देहरादून और हरिद्वार के मैदानी इलाकों में 15 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि के कारण तापमान में गिरावट आने के आसार हैं।16 अक्टूबर को भी देहरादून और हरिद्वार के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव से सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है।
नैनीताल और अल्मोड़ा में ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 अक्टूबर को नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।नैनीताल और अल्मोड़ा के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है और ठंड का असर बढ़ सकता है।
केदारनाथ में मौसम खराब, यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत
केदारनाथ में मौसम खराब होने की जानकारी सामने आई है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद लोगों के लिए मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी है।खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। बारिश, तेज हवाओं और कम दृश्यता की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 अक्टूबर को 3,800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हो सकता है। वहीं, 15 और 16 अक्टूबर को 3,500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं।उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग की ऊंची चोटियों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। दूसरी ओर, निचले और घाटी वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम बदलने से बढ़ेगी ठंड
बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में भी मौसम सुहावना होने के साथ तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है।मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को तेज हवाओं, बिजली चमकने और ओलावृष्टि के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है।