देहरादून- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड में योग की गूंज सुनाई दी। देवभूमि के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने चंपावत के बनबसा में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जबकि राजधानी Dehradun के परेड ग्राउंड में भी भव्य सामूहिक योग सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।
‘तन, मन और आत्मा का समन्वय है योग’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि तन, मन और आत्मा को जोड़ने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा से निकला योग आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच का मार्ग दिखा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। योग सीमाओं से परे मानवता को जोड़ने वाला माध्यम बन गया है।
दुनिया भारत की ओर देख रही है: धामी
सीएम धामी ने कहा कि योग के कारण आज विश्व मंच पर भारत की अलग और विशिष्ट पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए दुनिया अब भारत की योग परंपरा की ओर देख रही है। योग शरीर, श्वास और मन को एक सूत्र में बांधता है तथा व्यक्ति को स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास तनाव को कम करने, मानसिक मजबूती बढ़ाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उत्तराखंड को योग और वेलनेस हब बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से ऋषि-मुनियों की तपस्थली और योग-साधना की भूमि रहा है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, योग प्रशिक्षकों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य को अंतरराष्ट्रीय योग पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है।
प्रतिदिन योग अपनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित जीवन के लिए नियमित योग आवश्यक है। साथ ही उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने और योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होगा तो एक मजबूत, स्वस्थ और सकारात्मक राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।