उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए जिला प्रशासन इस यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इस दौरान परिवहन विभाग ने भी अपनी कमर कस ली है ताकि यात्रा में आने वाले यात्री और वाहन दोनों को सही तरीके से संभाला जा सके।
कॉमर्शियल वाहनों के लिए कार्ड
उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर विशेष व्यवस्था की जा रही है जहां सभी कॉमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। ग्रीन कार्ड व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल उपयुक्त और जांचे-परखे वाहन ही चार धाम यात्रा के लिए मार्गदर्शन करें जिससे यात्री को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा सुचारू रूप से चल सके।
इसके साथ ही एआरटीओ प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। एआरटीओ जितेंद्र चंद ने बताया कि चार धाम यात्रा में आने वाले सभी यात्रियों को यात्री क्लीनिक किट वितरित की जा रही है जिससे किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को तुरंत मदद मिल सके। इस किट में आवश्यक दवाइयां पानी की बोतल मास्क और अन्य स्वास्थ्य संबंधी वस्तुएं शामिल हैं।
यात्रियों ने की व्यवस्थाओं की सराहना
यात्रियों ने नारसन बॉर्डर पर की गई सभी व्यवस्थाओं की सराहना की है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर जो सुविधाएं और व्यवस्थाएं की गई हैं वह बेहद मददगार साबित हो रही हैं और यात्रा को आरामदायक बना रही हैं। एआरटीओ जितेंद्र चंद ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वाहनों की जांच की जाएगी
एआरटीओ कृष्णा चंद्र पैलेडिया ने भी जानकारी दी कि नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं और इन कार्डों के बिना कोई भी वाहन चार धाम यात्रा पर नहीं जा सकेगा। ग्रीन कार्ड व्यवस्था से यात्रा के दौरान वाहनों की सही जांच की जाएगी जिससे यात्रियों को बिना किसी परेशानी के यात्रा का अनुभव हो सके।
इस बार की चार धाम यात्रा के लिए प्रशासन ने यात्री और वाहन सुरक्षा स्वास्थ्य सुविधाओं और यात्रा के मार्ग को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना बनाई है ताकि यात्रियों को सबसे बेहतर सेवा मिल सके।