डोईवाला के जॉली ग्रांट में उत्तराखंड वन विभाग द्वारा विकसित की गई वन अनुसंधान रेंज इन दिनों पर्यटकों और वन प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है। यह रेंज लगभग तीन हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है और इसमें विभिन्न प्रकार की दुर्लभ और खास प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाए गए हैं। इनमें कई ऐसे पौधे भी शामिल हैं जो सामान्यतः उत्तराखंड में नहीं पाए जाते।
नॉर्थ ईस्ट भारत की वनस्पतियाँ स्थापित
विभाग ने इस पार्क को विशेष रूप से शैक्षणिक उद्देश्यों और पर्यावरण जागरूकता के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया है। पार्क में नॉर्थ ईस्ट भारत की वनस्पतियाँ भी स्थापित की गई हैं, जिससे पर्यटक और स्थानीय लोग देश के विभिन्न हिस्सों की जैव विविधता को करीब से जान सकते हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन की मुहिम के प्रति जागरूक करना है तथा पेड़-पौधों के महत्व को समझाना है।
वन प्रेमियों के लिए लोकप्रिय
वन अनुसंधान रेंज की स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी। तब से यह क्षेत्र धीरे-धीरे पर्यटकों और वन प्रेमियों के लिए लोकप्रिय होता जा रहा है। आने वाले समय में इस स्थान को पर्यावरण शिक्षा और इको-टूरिज्म का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की योजना है।
इस पार्क में आने वाले लोग न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं बल्कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझ सकते हैं। वन विभाग का यह प्रयास न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का भी महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।
यह रेंज विशेष रूप से शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के लिए प्रशिक्षण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के लिए तैयार की गई है जिससे उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के प्रति लोगों की रुचि और समझ बढ़ सके।