केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी हरिद्वार पहुंचे जहाँ उन्होंने भेल का दौरा किया अपने भेल दौरे में उनके द्वारा 5 मेगा वाट कि सौर ऊर्जा उत्पादन यूनिट का उद्घाटन किया तो वही भेल में निर्मित सुपर रैपिड गुण माउंट राष्ट्र को समर्पित की। अपने दौरे के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहाँ की भारत के विकास में बीएचईएल का समर्पण और महत्वपूर्ण योगदान हैं।
5 मेगावाट की सौर ऊर्जा उत्पादन सुविधा
दौरे के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में एसआरजीएम को राष्ट्र को समर्पित किया गया जो रक्षा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हथियार है। बीएचईएल की तकनीकी टीम द्वारा विकसित यह तोप रक्षा मंत्रालय की आवश्यकताओं को पूरा करती है और इसका उपयोग भारतीय नौसेना द्वारा किया जाना है। इसकी सफलता का वैश्विक बाजार पर भी संभावित प्रभाव है। अपने भेल दौरे के दौरान उन्होंने बीएचईएल ने देश को 5 मेगावाट की सौर ऊर्जा उत्पादन सुविधा भी समर्पित की। उन्होंने कहाँ की यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2030 और 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के विजन के अनुरूप है।
मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने इजरायल-ईरान संघर्ष के गैस और ईंधन की आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित चिंताओं को संबोधित किया। उन्होंने बढ़ती घबराहट और औद्योगिक क्षेत्र पर इसके संभावित प्रभाव को स्वीकार किया। हालांकि उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि सरकार गैस सिलेंडर उत्पादन में 25% की वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और लोगों से घबराहट न करने का आग्रह किया। मंत्री ने वैश्विक अस्थिरता को रोकने के लिए विश्व नेताओं विशेष रूप से इज़राइल ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका का उल्लेख करते हुए शांति और तर्कसंगत सोच की आशा व्यक्त की।
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