नई दिल्ली। केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना की संशोधित लागत 3,630.77 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है। यह सड़क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना स्पर से सीधे जेवर एयरपोर्ट को जोड़ेगी। इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश और हरियाणा में किया जाएगा।
31.42 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
करीब 31.42 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक तेज और सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
यह कॉरिडोर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से भी जुड़ा होगा। इससे सड़क परिवहन, माल ढुलाई और अन्य परिवहन साधनों के बीच बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी विकसित होगी।
11 किलोमीटर हिस्सा होगा एलिवेटेड
परियोजना के तहत लगभग 11 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा। यह हिस्सा डीएनडी-बल्लभगढ़ बाईपास से जेवर एयरपोर्ट के बीच अहम कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 से जुड़ा विकास
यह कॉरिडोर फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 के तहत चिन्हित उस क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जहां भविष्य में बड़े पैमाने पर शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की योजना है। एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर 689.24 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी, जिसमें से हरियाणा सरकार 450 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
गुजरात में हाईवे परियोजना को भी मंजूरी
केंद्र सरकार ने हाल ही में गुजरात में नेशनल हाईवे-56 के दो हिस्सों को चार लेन में अपग्रेड करने की परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत 4,583.64 करोड़ रुपये है।
107.67 किलोमीटर सड़क का होगा विस्तार
इस योजना के तहत धमासिया-बिटाडा/मोवी (47.46 किमी) और नासरपोर-मलोथा (60.21 किमी) सेक्शन को चार लेन में विकसित किया जाएगा। दोनों हिस्सों की कुल लंबाई 107.67 किलोमीटर होगी, जिससे सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
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