उत्तर प्रदेश में बुधवार सुबह मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। राजधानी लखनऊ समेत अवध क्षेत्र के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई। इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में धुंध की चादर देखने को मिली थी। मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। प्रयागराज में दृश्यता घटकर 30 मीटर रह गई, जबकि अमेठी में 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद में भी सुबह धुंध का असर देखने को मिला।
हल्की से मध्यम बारिश के आसार
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, नमी से भरी पुरवा हवाओं और हवा में धूल कणों के फंसने के कारण यह स्थिति बनी है। 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
कई जिलों में बढ़ा तापमान
प्रदेश में तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को बांदा में सबसे अधिक 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं आगरा और झांसी में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। 24.6 डिग्री सेल्सियस के साथ वाराणसी प्रदेश की सबसे गर्म रात रही।
18 साल बाद मार्च में ऐसा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नमी भरी पुरवा हवाओं के कारण मार्च 2008 में भी प्रदेश में इसी तरह का धुंध भरा मौसम देखने को मिला था।
कोहरे से बढ़ी लोगों और किसानों की चिंता
फुरसतगंज क्षेत्र में मार्च में लगातार कोहरा और धुंध छाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। होली के बाद भी तीन दिनों से कोहरा छाए रहने से रायबरेली-सुल्तानपुर-बांदा-टांडा हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय घना कोहरा होने से वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। वहीं सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है और किसान भी फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि होली के बाद आमतौर पर कोहरा नहीं पड़ता, लेकिन इस बार मार्च में भी धुंध और कोहरा पड़ना असामान्य लग रहा है। मौसम में आए इस बदलाव का असर जनजीवन और खेती दोनों पर पड़ सकता है।
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