भांगड़/दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए। हिंसा के अपने इतिहास के कारण 'अति-संवेदनशील' माने जाने वाले इस क्षेत्र में इस बार प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। चुनाव को निष्पक्ष और भयमुक्त बनाने के लिए यहाँ राज्य पुलिस, केंद्रीय बलों और पहली बार NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की एक विशेष टीम को तैनात किया गया है।
बहुस्तरीय सुरक्षा चक्र और NIA की निगरानी
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, भांगड़ के कई बूथों को 'क्रिटिकल' श्रेणी में रखा गया है। NIA की भूमिका: खुफिया इनपुट्स के आधार पर NIA की एक विशेष टीम संवेदनशील इलाकों में गुप्त रूप से निगरानी कर रही है। इनका मुख्य काम संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी तत्वों पर नजर रखना है ताकि चुनावी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। आसमान से ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है, जबकि हर बूथ पर सीसीटीवी कैमरों से लाइव फीड ली जा रही है। मतदान केंद्रों के आसपास केंद्रीय बलों की सघन गश्त जारी है और किसी भी आपात स्थिति के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को तैयार रखा गया है।
अतीत से सबक, प्रशासन की बड़ी परीक्षा
भांगड़ में पिछले चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर अशांति और बाहुबल के प्रयोग की खबरें आती रही हैं। इसी को देखते हुए इस बार "बहुस्तरीय सुरक्षा कवच" तैयार किया गया है। प्रशासन का दावा है कि किसी को भी डराने-धमकाने या वोट प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा के बीच मतदाताओं का भरोसा
कड़ी सुरक्षा का असर मतदान केंद्रों पर भी दिख रहा है। सुबह से ही वोटरों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग लाइनों की व्यवस्था की गई है। पर्याप्त सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव आयोग हर घंटे की रिपोर्ट सीधे जिला मुख्यालय से ले रहा है। भांगड़ का यह चुनाव प्रशासन के लिए एक अग्निपरीक्षा की तरह है, जहाँ शांति बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है।