कोलकाता: पश्चिम बंगाल भाजपा ने गुरुवार को सॉल्ट लेक स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दिल्ली में छात्र-युवाओं के आंदोलन, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं और विपक्ष की भूमिका को लेकर अपना पक्ष रखा। पार्टी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा और अराजकता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रश्नपत्र लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग
पत्रकार सम्मेलन में उद्योग मंत्री तापस राय, प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट देवजीत सरकार, मीडिया संयोजक प्रो. बिमल शंकर नंद और युवा मोर्चा के महासचिव आशीष विश्वास मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को गंभीरता से लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर जोर दिया है। पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
आंदोलन की आड़ में हिंसा का आरोप
भाजपा ने आरोप लगाया कि छात्र-युवाओं के हितों की रक्षा के नाम पर दिल्ली में चल रहे आंदोलन को दूसरी दिशा देने की कोशिश की जा रही है। पार्टी के अनुसार आंदोलन के दौरान ऐसे मुद्दों और व्यक्तियों के समर्थन में नारे लगाए गए जिनका NEET या परीक्षार्थियों की समस्याओं से कोई संबंध नहीं है। भाजपा ने पुलिस पर पथराव, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं की भी निंदा की।
शिक्षा व्यवस्था और केंद्र सरकार की पहल का उल्लेख
मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट देवजीत सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से इनकार नहीं किया है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने वर्ष 2024 में लागू The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने IIT, IIM, मेडिकल कॉलेजों, MBBS एवं PG सीटों में वृद्धि, अटल टिंकरिंग लैब्स और वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन जैसी पहलों का भी जिक्र किया।
कांग्रेस और INDI गठबंधन पर उठाए सवाल
भाजपा ने कांग्रेस और INDI गठबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि अतीत में भी विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में प्रश्नपत्र लीक की कई घटनाएं हुई हैं। भाजपा ने मांग की कि केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि अतीत और वर्तमान की सभी प्रश्नपत्र लीक घटनाओं तथा भविष्य में इन्हें रोकने के उपायों पर संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। इसी संदर्भ में राहुल गांधी से भी सवाल किया गया कि जब केंद्र सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष व्यापक बहस से पीछे क्यों हट रहा है।
पश्चिम बंगाल को लेकर भी दी चेतावनी
उद्योग मंत्री तापस राय ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भी आंदोलन के नाम पर हिंसा, अराजकता या अस्थिरता फैलाने की कोशिश की गई तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। भाजपा ने दोहराया कि वह विद्यार्थियों की जायज मांगों के साथ है, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता फैलाने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा।